Discussions

This topic is not avialable

Manpal Singh

· started a discussion

· 1 Months ago

[सं-पु.] - (काव्यशास्त्र) एक मात्रिक छंद जिसमें चार चरण होते हैं। इसके विषम यानी पहले और तीसरे चरणों में बारह मात्राएँ और सम यानी दूसरे और चौथे चरणों में सात मात्राएँ होती हैं।

Question:

सहज विलास हास, पिय की हुलास तजि,

दुख के निवास प्रेम, पास पारियत है।

उपर्युक्‍त क्‍या है?

Options:
A) घनाक्षरी
B) बरवै
C) सवैया
D) छप्‍पय
Solution:
बरवै

Manpal Singh

· commented

· 1 Months ago

RIGHT ANSWER IS (A) GHANAKHARY

All Rights Reserved Top Rankers